एक बार फिर से मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हिंदू महासभा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की मूर्ति का पूजन किया है। इस दौरान हि.म.स ने साफ कर दिया है जिस तरह यूपी के मेरठ में आज गोडसे धाम स्थापित किया गया उसी तरह आगामी दिनों में सभी राज्य प्रदेश एंव ग्वालियर में गोडसे और उनके साथी रहे नारायण आप्टे की प्रतिमाएं हि.म.स दफ्तर में स्थापित की जाएंगी।हर वर्ष 15 नवम्बर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की पुण्यतिथि को अखिल भारत हिन्दू महासभा बलिदान दिवस के रूप में मनाती है। इस वर्ष भी आज हिन्दू महासभा ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत नाथूराम गोडसे के साथ उनके साथी रहे नारायण आप्टे का स्मरण किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। खास बात यह रही कि श्रद्धांजलि सभा में हिमस ने गोडसे की नयी प्रतिमा का पूजन किया। इससे पहले गोडसे के बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित हि.म.स नेता व कार्यकर्ताओं ने गोडसे प्रतिमा पर अम्बाला से लाई गई माटी का तिलक किया, जहां राष्ट्रपिता के हत्यारे और उनके साथी रहे नारायण आप्टे को फांसी दी गई थी। इस मौके पर हिमस कार्यकर्ताओं ने गोडसे के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। हि.म.स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ जयवीर भारद्वाज ने दो टूक कहा है अभी नारायण आप्टे की प्रतिमा तैयार कराई जा रही है, जिसका निर्माण होते ही गोडसे और आप्टे की प्रतिमा का ग्वालियर स्थित हिमस कार्यालय में स्थापित की जाएगी।हिन्दू महासभा ने हाल ही में गोडसे अध्ययन माला आयोजित की थी, हिमस नेताओं का दावा है उक्त आयोजन के माध्यम से उन्होंने देश की डेढ़ करोड़ जनता को कांग्रेस की करतूत बताई थी जिसके चलते देश का बंटवारा हुआ था। बहरहाल राष्ट्रपिता के हत्यारे का महिला मंडन जारी है और प्रशासन मौन है जो शासन की नीयत पर सवाल खड़े कर रहा है।

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