ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने उम्मीद जताई है कि ग्वालियर एक दिन जरूर स्वच्छता में नंबर वन बनेगा ।10 लाख से ज्यादा की आबादी में 13 से 15 वें नंबर पर ग्वालियर के पिछड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि जिस तरह से इंदौर में स्वच्छता को लेकर जन आंदोलन खड़ा किया गया है। ठीक उसी तरह ग्वालियर में भी जन आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है ।जिसमें जनप्रतिनिधि अधिकारी और आम लोग शामिल होंगे ।उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही इंदौर और ग्वालियर के अफसरों की एक बैठक भी आयोजित की जाएगी ।अपने ग्वालियर प्रवास पर रविवार सुबह कलेक्ट्रेट में विकास कार्यों की समीक्षा में हिस्सा लेने के बाद उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे विकास योजना की समीक्षा की गई है। जिसमें उन्होंने अमृत योजना का कार्य पर चढ़ने पर अफसरों से अपनी नाराजगी का भी इजहार किया है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर डेंगू के मामले में हॉटस्पॉट बनता जा रहा है इसके लिए भी जन आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को निर्देशित कर कहा है कि फागिंग मशीन की संख्या दोगुनी कर हर प्रभावित इलाके में अधिकारी भ्रमण करें और वहां फागिंग मशीन भिजवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। वही जल जीवन मिशन का काम भी प्राथमिकता से लेने के उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन को लेकर बेहद गंभीर है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक कोई भी मजरा टोला पेयजल से अछूता नहीं रहे इसकी व्यवस्था की जा रही है। कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ हर 3 महीने में जल जीवन मिशन की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए फिलहाल वैक्सीन ही एकमात्र विकल्प है ग्वालियर में करीब 6 लाख लोग वैक्सीन के दूसरे डोज से अछूते हैं इसके लिए समाज के हर व्यक्ति को इसमें अपना योगदान देना चाहिए। वही ग्रामीण अंचल में किसानों को सीमांकन बटवारा और नामांतरण के लिए परेशान नहीं होना पड़े इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं ।इसके अलावा आवारा मवेशियों के लिए गौशाला के निर्माण और उसके रखरखाव पर नजर बनाए रखने के अफसरों को प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया है।

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