ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के जेहन में करीब 48 साल पुरानी यादें आज उस वक्त ताजा हो गई जब वो एक आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों से मिलने पहुंचे। इंदिरा नगर थाटीपुर के आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र में सिंधिया का काफिला पहुंचा। सिंधिया ने आदर्श आंगनबाड़ी की व्यवस्थाओं को देखा, आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए टेबल- कुर्सी, मध्यान भोजन, साफ सफाई के साथ पढ़ाई और खेल उपकरणों के बारे में जानकारियां ली। सिंधिया ने नन्हे बच्चों के साथ करीब आधा घंटा बिताया, सिंधिया ने बच्चों को कुछ कहानियां भी पढ़ाई तो वही उनसे सवाल भी पूछे। बच्चों से मेल मुलाकात के बाद सिंधिया ने इनको फल बांटे। गार्डन में झूला झूलते हुए बच्चों को देखकर सिंधिया को अपना बचपन याद आ गया। आंगनबाड़ी का जायजा लेने के दौरान सिंधिया ने बातचीत करते हुए कहा आज बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें अपना बचपन याद आ गया। बचपन में वह किस तरह से स्कूल में छोटी-छोटी कुर्सियों पर बैठा करते थे, खेलते थे और फिर इसी तरह से अपने टीचर के सवालों का जवाब देते थे। सिंधिया ने कहा कि आंगनबाड़ियों का कायाकल्प करने के लिए सरकार के साथ ही लोगों को भी जोड़ा जा रहा है। जिन आंगनबाड़ियों के हालात खराब है उनको जनप्रतिनिधियों,व्यापारियों और आम लोगों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि सरकार और समाज की मदद से आंगनबाड़ियों का कायाकल्प किया जा सके। जिससे इन आंगनवाड़ियों में पढ़ रहे बच्चे और देश का भविष्य बेहतर होगा।

 

 

 

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