हमने पार्टी बदल ली थी,नहीं तो हमें कोई नहीं हरा सकता था। कुछ इस तरह का बयान देकर अपनी ही पार्टी पर सवाल खड़े करने वाली भारतीय जनता पार्टी की पूर्व मंत्री और वर्तमान में लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष इमरती देवी की सफाई सामने आई है। इमरती देवी का कहना है कि मैं महिलाओं के जिस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थी वहाँ पर मेरे द्वारा दिए गए बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। मेरे कहने का जो अर्थ निकाला जा रहा है वह गलत है। उपचुनाव में मिली हार को मैं अपनी व्यक्तिगत हार मानती हूं। हां मैं मानती हूं मैंने पार्टी बदली है, मेरे अंदर कुछ कमियां रही होंगी, मेरी कुछ गलतियां भी रही होंगी इसलिए मुझे हार का सामना करना पड़ा। लेकिन मैं फिर से चुनाव लड़ूंगी और 2023 में जीतूंगी भी।इमरती देवी का यह भी कहना है कि देश मे प्रधानमंत्री भी चुनाव हारते है,मुख्यमंत्री भी चुनाव हारते है,विधायक भी चुनाव हारते है,ऐसेमें मैं हार गई तो क्या हो गया। इमरती देवी ने इशारो इशारो में यह भी साफ कर दिया है कि जहां मेरे महाराज होंगे वहाँ में रहूंगी, मेरी तो जिंदगी महाराज के लिए है।यानी कि जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया होंगे वहाँ इमरती देवी रहेंगी। इमरती देवी ने अपने बयानों और उन पर सियासी बबालो को लेकर तीखे शब्दो मे यह भी कहा कि में जो बोलती हूँ वह सच होता है।इसलिये मुझे महाराज न रोकते है न टोकते है।इसीलिए में हमेशा जो मन मे आता है वह बोलती हु। गौरतलब है कि इमरती देवी ने अपने बयानों में इस बात को साफ जाहिर कर दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर टिकट की दावेदारी भी करेंगी साथ ही अपने इस तरह के बेबाकी से भरे बयान भी देती रहेंगी।

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