बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के स्टार टेबल टेनिस प्लेयर अचंता शरत कमल का जलवा देखने को मिला। उन्होंने इस बार कुल चार पदक अपने नाम किए। इनमें तीन स्वर्ण पदक और एक रजत पदक शामिल है। शरत ने जिन-जिन इवेंट्स में हिस्सा लिया, उन सभी में पदक अपने नाम किए। वह भारत की ओर से बर्मिंघम में सबसे ज्यादा पदक जीतने वाले खिलाड़ी रहे।

बर्मिंघम में इन इवेंट्स में शरत ने जीता स्वर्ण

अचंता शरत कमल और श्रीजा अकुला (बाएं)
अचंता शरत कमल और श्रीजा अकुला (बाएं) 
40 साल के शरत ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के आखिरी दिन दो पदक जीते। शरत ने मेन्स सिंगल्स, मेन्स टीम इवेंट, मिक्स्ड डबल्स और मेन्स डबल्स इवेंट में हिस्सा लिया था। उन्होंने सबसे पहले मेन्स टीम इवेंट में साथियान ज्ञानशेखरन, सनिल शेट्टी और हरमीत देसाई के साथ मिलकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके बाद मेन्स डबल्स में साथियान ज्ञानशेखरन के साथ मिलकर रजत पदक अपने नाम किया।

अचंता शरत कमल मेन्स टीम इवेंट में स्वर्ण के साथ
वहीं, मिक्स्ड डबल्स में शरत ने श्रीजा अकुला के साथ मिलकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इतना ही नहीं शरत ने आखिरी दिन मेन्स सिंगल्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल और फाइनल में दो अंग्रेजों को हराया और स्वर्ण पदक जीता। इस बार बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 72 देशों ने हिस्सा लिया था। इनमें से सिर्फ 16 देश ही तीन या इससे ज्यादा स्वर्ण हासिल करने में कामयाब रहे।

56 देशों से ज्यादा स्वर्ण जीते शरत कमल

शरत और साथियान मेन्स डबल्स में रजत पदक के साथ
56 देशों ने दो या इससे कम स्वर्ण जीता। शरत इन 56 देशों से ज्यादा स्वर्ण जीतने में कामयाब रहे। इसमें पाकिस्तान भी शामिल है। पाकिस्तान बर्मिंघम में सिर्फ दो स्वर्ण जीतने में कामयाब रहा। पाकिस्तान ने दो स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य समेत कुल आठ पदक जीते।

शरत ने 16 साल बाद मेन्स सिंगल्स में जीता स्वर्ण

शरत कमल मेन्स सिंगल्स में स्वर्ण पदक के साथ
शरत कमल ने राष्ट्रमंडल खेलों में टेबल टेनिस के मेन्स सिंगल्स में 16 साल बाद स्वर्ण जीता। इससे पहले उन्होंने 2006 में पुरुष एकल में स्वर्ण जीता था। शरत का यह राष्ट्रमंडल खेलों में कुल सातवां स्वर्ण रहा। बर्मिंघम में तीन स्वर्ण के अलावा शरत ने 2006 में मेन्स सिंगल्स और मेन्स टीम इवेंट में स्वर्ण, 2010 में मेन्स डबल्स में स्वर्ण और 2018 में मेन्स टीम इवेंट में स्वर्ण जीता था। इसके अलावा वह 2010 में दो कांस्य, 2014 और 2018 में एक-एक रजत और 2022 में एक रजत जीत चुके हैं। शरत ने राष्ट्रमंडल खेलों में कुल 13 पदक जीते हैं।

शरत CWG में भारत के तीसरे सबसे सफल एथलीट

शरत कमल और श्रीजा अकुला मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण पदक के साथ
शरत कमल और श्रीजा अकुला मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण पदक के साथ
शरत राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के सबसे सफल एथलीट्स के मामले में तीसरे स्थान पर हैं। उनसे ज्यादा सिर्फ जसपाल राणा (शूटिंग) और समरेश जंग (शूटिंग) ने पदक जीते हैं। जसपाल के नाम राष्ट्रमंडल खेलों में 15 पदक (9 स्वर्ण) और समरेश के नाम 14 पदक (7 स्वर्ण) हैं।

शरत कमल का करियर
राष्ट्रमंडल खेलों के अलावा शरत एशियन गेम्स में दो पदक जीत चुके हैं। 2018 में जकार्ता एशियन गेम्स में मेन्स टीम और मिक्स्ड डबल्स इवेंट में शरत कमल ने कांस्य जीता था। इसके अलावा वह एशियन चैंपियनशिप्स में दो कांस्य भी जीत चुके हैं। 2021 दोहा एशियन चैंपियनशिप्स में कांस्य जीता था।

मनिका बत्रा कोई पदक नहीं जीत सकीं

साथियान और मनिका बत्रा
टेबल टेनिस में भारतीय महिलाओं का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। 2018 राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन मनिका बत्रा एक भी पदक जीतने में कामयाब नहीं हो सकीं। उन्होंने महिला सिंगल्स, महिला डबल्स, मिक्स्ड डबल्स और महिला टीम इवेंट में हिस्सा लिया था। भारत बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य पदक समेत कुल 61 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा।

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