मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ का राज्य चुनाव आयोग को आदेश 2 माह में कराएं नगर पंचायत के चुनाव

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक जनहित याचिका और अवमानना याचिका से जुड़े हुए मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है जिसके चलते शिवपुरी जिले की नरवर नगर पंचायत के चुनावों को आगामी 2 महीने के अंदर सम्पन्न कराना इलेक्शन कमीशन के लिए अनिवार्य किया गया है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में इस बात को भी स्पष्ट किया है कि नरवर नगर पंचायत को सामान्य महिला पद के लिए आरक्षित किया जाए। और वर्ष 2021 की मतदाता सूची के आधार पर चुनाव को संपन्न कराया जाए। शिवपुरी जिले की नरवर नगर पंचायत निवासी बृजेश सिंह तोमर ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी कोर्ट ने वर्ष 2019 में आदेश दिया था कि 3 महीने में चुनाव प्रक्रिया को खत्म किया जाए, कोर्ट के आदेश के बाद भी नगर पंचायत के चुनाव नहीं कराए गए, ऐसे में चुनाव नहीं कराए जाने पर वर्ष 2019 में बृजेश सिंह ने एक अवमानना याचिका दायर की, कोर्ट ने अवमानना के इस मामले में दोषी मानते हुए प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त को तलब कर लिया था। इसके साथ ही याचिकाकर्ता बृजेश सिंह तोमर ने वर्ष 2020 में एक नई रिट पिटिशन भी दायर की, इस याचिका में तर्क दिया गया कि वर्ष 2018 में चुनाव का जो गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था उसके अनुसार चुनाव कराने थे, लेकिन वर्ष 2020 में चुनाव की नई अधिसूचना जारी कर दी गई,वर्ष 2020 में नगर पंचायत के अध्यक्ष पद को भी नए सिरे से ओबीसी के लिए आरक्षित कर दिया गया। वही इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा भी याचिका दायर की गई थी, इस याचिका को भी रिट पिटिशन के साथ सुना जा रहा था, इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त रह चुके बीएल कांता राव द्वारा भी याचिका दायर की गई थी, ऐसे में यह सभी याचिका भी रिट पिटिशन के साथ जोड़ी गई और एक साथ न्यायालय द्वारा सभी चार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि न्यायालय के आदेश की अवमानना को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ऐसे में नरवर नगर पंचायत के चुनाव को अब 2 महीने में संपन्न कराना होगा। और नरवर नगर पंचायत के अध्यक्ष पद को सामान्य महिला के लिए आरक्षित भी किया जाए। इस गंभीर मामले में सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त बसंत प्रताप सिंह कोर्ट में वर्चुअली शामिल हुए और न्यायालय को विश्वास दिलाया कि आगामी 2 महीने में वर्ष 2021 की नवीन मतदाता सूची के आधार पर चुनाव को संपन्न कराया जाएगा। ऐसे में अब देखना होगा कि जहां कोरोना और ओबीसी आरक्षण विवाद के चलते पंचायत चुनाव को रोका गया है, ऐसे में आगामी दो महीने के अंदर चुनाव आयोग क्या सिर्फ नरवर नगर पंचायत का चुनाव संपन्न करा पायेगा या कुछ और ही योजना पर चुनाव आयोग को काम करना होगा।

 

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