केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस्पात मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद शुक्रवार को पहली बार ग्वालियर आए,एयरपोर्ट से सिंधिया सीधे कटोरा ताल स्थित छतरी पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी दादी राजमाता विजय राजे सिंधिया और पिता माधवराव सिंधिया के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को धन्यवाद देते हुए कहा कि वो इस्पात मंत्रालय में भी प्रधानमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। सिंधिया के मुताबिक किसी देश के आर्थिक विकास में इस्पात का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहता है। आज विश्व में भारत दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा इस्पात उत्पादक करने वाला देश है आज देश मे 120 मिलीयन मेट्रिक टन उत्पादन होता है, हमने अगले 8 सालों में वर्तमान उत्पादन को दोगुना कर 240 मेट्रिक टन करने का टारगेट रखा है। इस्पात के क्षेत्र में हरा मध्यम एवं लघु उद्योग बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लघु और मध्यम उद्योग की 3000 इकाइयों के जरिए 52 फीसदी इस्पात का उत्पादन होता है। लिहाज़ा इनको भी विकसित किया जाएगा।

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