Alwar Mob Lynching | सब्जी का ठेला लगाने वाले को चोर समझकर भीड़ ने बेरहमी से पीटा, अस्पताल में मौत, 7 आरोपी गिरफ्तार

जयपुर। भीड़ की कोई जाति धर्म नहीं होता और इनकी बड़ी से बड़ी गलती पर भी इन्हें सख्त सजा नहीं दी जा सकती क्योंकि यह भीड़ हैं। पिछले कुछ सालों में मॉबलिंचिंग की खूब घटनाएं सामने आयी हैं जहां भीड़ ने लोगों की बेरहमी से जान ले ली। पालघर में दो साधुओं को भीड़ ने ही बेरहमी से मार दिया था। वो वीडियों जब सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो, वो किसी का भी मन व्याकुल कर सकती थी। भीड़ पर आखिर लगाम कैसे लगाई जाएगी? भीड़ के जरिए लोग कई व्यक्तिगत बदले भी लेते हैं। ऐसी वारदातों पर आखिर कैसे नकेल कसी जाएगी? अब बात अलवर की करते हैं। जहां एक बेचारे सब्जी का ठेला लगाने वाले को ट्रक में भर कर आये लोगों ने बुरी तरह से पीटा जिसके कारण उसकी मौत हो गयी। एक सब्जी लगाने वाला आखिर कितना कमाता होगा? मुश्किल से गुजर कर रहे परिवार की रोटी भीड़ ने छीन ली और उस परिवार से उसका सहारा छीन लिया। चलिए मान लेते हैं कि  कोई अपराध किया भी हो तो क्या चोरी की सजा मौत होगी? और यह भीड़ कैसे तय करती है कि गुनाह किसने किया? पुलिस क्यों हैं?

अलवर में मॉबलिंचिंग का मामला

राजस्थान के अलवर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में कुछ लोगों ने ट्रैक्टर चोरी के संदेह में एक सब्जी विक्रेता की बुरी तरह पिटाई कर दी, जिसके कारण बाद में उपचार के दौरान मौत उसकी हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, पीट-पीट कर हत्या के इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त वाहन जब्त क‍िया है। सब्जी विक्रेता को पीटने की घटना रविवार की है जबकि पीड़ित की सोमवार को मौत हुई। राजस्‍थान में यह घटना ऐसे समय में हुई है जब जालौर में नौ वर्षीय दलित छात्र इंद्र कुमार को कथित तौर पर स्कूल में पानी के घड़े को छूने के आरोप में एक शिक्षक ने पीटा था। छात्र की 13 अगस्‍त को अहमदाबाद के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। प्राप्त तहरीर के आधार पर अलवर की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया, ‘‘घटना रविवार की है।

हिंदू-मुस्लिम होने के कारण इलाके में बढ़ा तनाव 

रामबास निवासी चिरंजी लाल सैनी 14 अगस्त की सुबह करीब 4:30 बजे पास के खेत में शौच करने गए थे। जहां एक ट्रैक्टर, स्कॉर्पियो व पिकअप में विक्रम खान और उसके 15- 20 साथी हाथों में लाठी, फर्सी व सरिया लेकर आए और आते ही उसके पिता के साथ मारपीट करने लगे। शोर सुनकर वह और उसका भाई हरीश व शिवलाल भाग कर पहुंचे तो उन्हें देख आरोपी भाग गए।’’ उन्होंने बताया, ‘‘गंभीर हालत में चिरंजीलाल को गोविंदगढ़ अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे अलवर और फिर जयपुर रेफर कर दिया गया। एसएमएस अस्पताल में उसकी 15 अगस्त को इलाज के दौरान मौत हो गई।’’ गौतम ने बताया कि पुलिस ने चिरंजीलाल का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया और शव रात करीब 12 बजे अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंपी।

सियासत तेज

अंतिम संस्कार नहीं होने की चेतावनी देकर 16 अगस्त को मृतक के परिजन, रिश्तेदार तथा कस्बा रामगढ़ व गोविंदगढ़ के सैकड़ों लोग एवं अलवर के हिंदुत्व संगठन से जुड़े लोगों ने मांग पत्र पेश किया मांगों पर सहमति नहीं बनने पर सड़क मार्ग अवरुद्ध कर दिया था। उन्‍होंने बताया कि प्राथमिकी में दर्ज नामजद अभियुक्तों में से सात को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा सड़क मार्ग अवरुद्ध कर बैठे लोगों के प्रतिनिधि मंडल को अलग से समझाइश कर अंतिम संस्कार के लिए मना मृतक के शव का अंतिम संस्कार करवा रास्ता चालू करवाया गया। इससे पहले थानाधिकारी शिवशंकर ने मंगलवार को बताया कि चिरंजीलाल (45) की कुछ लोगों ने ट्रैक्टर चोरी के शक में पिटाई की। घटना में शामिल आरोपियों असद खान मेव, स्याबू , साहून खान, तलीम खान, कासम, पोला उर्फ ताफिक व विक्रम खान को गिरफ्तार किया गया है।

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