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मध्यप्रदेश के ग्वालियर से बड़ी खबर सामने आई है। हरियाणा की पानीपत पुलिस के इनपुट पर ग्वालियर पुलिस ने महाराजपुरा इलाके से एक ही परिवार के आठ बांग्लादेशी नागरिक सदस्य पकड़े है।यह सभी बगैर नागरिकता के 12 साल से रह रहे थे,इस बड़े मामले के बाद खुफिया जांच एजेंसियां भी एक्टिव हो गयी है। दरअसल बांग्लादेशी घुसपैठियों की खोजबीन लगातार भारत मे जारी है, इसी कड़ी में ग्वालियर के महाराजपुरा क्षेत्र से एक ही परिवार के आठ बांग्लादेशी सदस्य पकड़े गए, यह बगैर नागरिकता के अवैध रूप से करीब 12 साल से ग्वालियर में रह रहे थे। इनके रिश्तेदार हरियाणा के पानीपत में करीब एक सप्ताह पहले पकड़े गए थे। उनसे पूछताछ के बाद हरियाणा पुलिस के इनपुट पर ग्वालियर पुलिस सक्रिय हुई। हरियाणा पुलिस की एक टीम भी ग्वालियर आई है,तब इन्हें पकड़ा गया। महाराजपुरा थाना पुलिस की निगरानी में यह लोग हैं। यह सभी एक ही परिवार के रहने वाले हैं। बांग्लादेशियों के पकड़े जाने के बाद खुफिया जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। पिछले सप्ताह पानीपत में बांग्लादेश का परिवार पकड़ा गया था। यह लोग यहां नौकरी कर रहे थे। जब इनसे पूछताछ की गई तो सामने आया कि इनके रिश्तेदार ग्वालियर महाराजपुरा क्षेत्र में रह रहे हैं।इसके बाद हरियाणा पुलिस ने ग्वालियर पुलिस से संपर्क किया,महाराजपुरा क्षेत्र में एक ही परिवार के आठ लोगों को पकड़ा गया। पुलिस निगरानी में पूछताछ के दौरान जानकारी मिली है कि यह सभी बांग्लादेश के जेस्सोर शहर के रहने वाले हैं। पकड़े गए मोहम्मद शरीफ का पिता नूर सबसे पहले भारत आया था, वह ग्वालियर में रह रहा था। उसकी बावड़ी में गिरकर मौत हो गई थी,इसके बाद परिवार यहीं बस गया।आइये आपको पुलिस निगरानी में लिए गए लोगो के नाम बताते है। मोहम्मद शरीफ ने बताया कि वह करीब 12 वर्ष पहले बांग्लादेश से कोलकाता पहुंचा,इसके बाद ग्वालियर आकर मजदूरी करने लगा। अदोरी और उजा का जन्म ग्वालियर में ही हुआ,इनमे से रातुल शेख ने बताया है कि वह पांच साल पहले भारत आया। चार हजार रुपए में सीमा पार की,इसके बाद ग्वालियर आकर रहने लगा। महाराजपुरा क्षेत्र के जिस घर मे यह सभी 12 साल तक रहे वह दीनदयाल नगर क्षेत्र में रहने वाले देवेंद्र कंसाना का है,जो कचरा इक‌ट्ठा कर नष्ट करने की ठेकेदारी का काम करता है,इसके द्वारा ही इन्हें पनाह दी,वह इन बांग्लादेशियो को हर माह 15 हजार रुपये देता था बहरहाल बांग्लादेशियो के पकड़े जाने के बाद खुफिया जांच एजेंसिया भी एक्टिव हो गयी है।क्योंकि जिस इलाके से इन्हें पकड़ा गया है,उसी इलाके में भारतीय वायु सेना का महाराजपुरा एयरबेस है। लिहाजा इनके मोबाइल से मिले नम्बरो के जरिये कई अहम जानकारियं जुटाई जाएगी,ऐसे में पूछताछ के बाद कई अहम खुलासे हो सकते है।

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