मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में खेतों में रखी हुई नरवाई व अन्य फसल अवशेष जलाने वालों के खिलाफ जिले में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के अनुपालन में अब तक ग्वालियर जिले के भितरवार व डबरा अनुविभाग के अंतर्गत कानून का उल्लंघन कर खेतों में आग लगाने वाले 165 व्यक्तियों पर लगभग 8 लाख 69 हजार रुपये का जुर्माना राजस्व अधिकारियों द्वारा लगाया जा चुका है। इसमें से सोमवार 27 अप्रैल को भितरवार अनुविभाग के अंतर्गत नरवाई जलाने वाले 25 किसानों पर लगभग 01लाख 48 हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया था। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फसल अवशेष जलाना न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह धरती और पर्यावरण के लिए “धीमा जहर” है। आग से भूमि के मित्र सूक्ष्म जीव और जैविक कार्बन नष्ट हो जाते हैं, जिससे उपजाऊ जमीन बंजर होने लगती है।इससे उत्पन्न होने वाला धुआं वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ाता है, जो जनस्वास्थ्य के लिए घातक है। जिला प्रशासन ने किसानों से पुनः अपील की है कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय नरवाई प्रबंधन के आधुनिक व वैकल्पिक तरीके अपनाएं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पर्यावरण और मृदा स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध भविष्य में और भी कठोरतम दंडात्मक कदम उठाए जा कर कार्यवाई की जाएगी
नरवाई जलाने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्यवाई जिले में नरवाई जलाने वाले 165 लोगों पर लगभग 8.69 लाख का जुर्माना लगाया
