कृषि वैज्ञानिकों के शोध में आलू आने वाले वक्त में सेहत बनाने के साथ ही बीमारियों को दूर भगाने में अहम रोल निभाएगा

सब्जी और नाश्ते में अहम रोल निभाने वाला सब्जियों का राजा आलू आने वाले वक्त में सेहत बनाने के साथ ही बीमारियों को दूर भगाने में अहम रोल निभाएगा। लेकिन ये आम आलू नहीं खास आलू होगा। जी हां ग्वालियर के वैज्ञानिकों ने रंगीन आलू की प्रजाति तैयार की है, इस खास किस्म के आलू में जिंक, कैटरीन और आयरन की मात्रा भरपूर होगी। इसमे जिंक होने से ये आलू बच्चों को पौष्टिक बनाने और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाएगा। महिलाओं के लिए ये आलू ज्यादा फायदेमंद रहेगा। महिलाओं की यूमिनिटी पॉवर बढ़ाने के साथ ही ये आयरन की कमी को पूरा करेगा, जिससे गर्भवती महिलाओं को एनीमिया जैसे रोग का खतरा नही रहेगा। ग्वालियर के केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने रंगीन आलू की प्रजाति तैयार की है। ये आलू अंदर से रंगीन होंगे। लंबे समय से खोज में जुटे वैज्ञानिकों ने आलू की प्रजाति तैयार की है। नई प्रजाति के रंगीन आलू में जिंक, कैटरीन और आयरन की मात्रा भरपूर होगी। जल्द ही आलू की ये नई प्रजाति किसानों के लिए उपलब्ध होगी। जिंक होने से ये आलू यूमिनिटी पॉवर बढ़ाएगा। लिहाज़ा कोरोना जैसी बीमारियों से लड़ने में कारगर रहेगा। वहीं जिंक के साथ ही आयरन होने से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करेगा। इससे बच्चों और महिलाओं में एनीमिया रोग का खतरा भी नही रहेगा। इस खास आलू के सेवन से बच्चों, महिलाओं को यूमिनिटी पॉवर बढ़ाने या एनीमिया के लिए अलग से दवाएं लेने की जरूरत नही होगी।आलू लगातार भोजन के रूप में बड़ी जगह बनाता जा रहा है, आज गेंहू और धान के बाद आलू ही सबसे ज्यादा खाया जाने वाला भोजन बन गया है। सब्जियों में 30 प्रतिशत आलू ही खाया जाता है, उत्तर भारत मे आलू के बिना नाश्ता या सब्जी की कल्पना नही की जा सकती है। कृषि वैज्ञानिकों के शोध में ये बात सामने आई है कि बच्चों में आलू का क्रेज़ इस कदर है कि आलू बच्चों की एक बड़ी पसंद बन गया है। इस वक्त देश मे 52 मिलियन टन आलू उत्पादन हो रहा है, भारत चाइना के बाद दुनिया मे दूसरे नम्बर का आलू उत्पादक देश बन गया है।

 

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