भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का दूसरा मैच टीम इंडिया ने दो विकेट से जीत लिया। इस जीत के साथ सीरीज भारत के नाम हो गई और वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार 12 सीरीज जीतने का रिकॉर्ड भी भारत के नाम हो गया। इस मैच में वेस्टइंडीज की टीम ने जीत की पूरी तैयारी कर ली थी। पहले 300 से ज्यादा का स्कोर बनाया फिर 205 रन के अंदर भारत की आधी टीम को आउट कर दिया, लेकिन अक्षर पटेल ने अपने दम पर मैच पलट दिया और भारत को जीत दिला दी।

अक्षर की शानदार बल्लेबाजी भारत के लिए सुखद पहलू है। उनके अलावा संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल ने भी शानदार बल्लेबाजी की। खास बात यह है कि इनमें से किसी भी खिलाड़ी की जगह मुख्य टीम में पक्की नहीं है, लेकिन मौका मिलने पर ये खिलाड़ी कमाल कर रहे हैं। इससे साफ है कि भारत की बेंच स्ट्रेंथ बेहद मजबूत है और बड़े टूर्नामेंट में टीम इंडिया को इसका फायदा मिलेगा।

मैच के टर्निंग प्वाइंट

  • पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज की सलामी जोड़ी ने 65 रन जोड़े। इसके बाद यह साफ था कि कैरिबियाई टीम बड़ा स्कोर बनाने वाली है। हालांकि 130 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद विंडीज टीम मुश्किल में दिख रही थी।
  • चौथे विकेट के लिए शाई होप और कप्तान पूरन ने 117 रन की साझेदारी कर वेस्टइंडीज को मैच में काफी आगे कर दिया। इसी वजह से टीम ने 311 रन का स्कोर बनाया। वेस्टइंडीज की धरती में इससे बड़े स्कोर का पीछा सिर्फ दो बार हुआ था। ऐसे में भारत की जीत तय लग रही थी।
  • बड़े लक्ष्य के दवाब में भारत का टॉप ऑर्डर फेल रहा और 79 के स्कोर पर तीन विकेट गिर गए थे। वेस्टइंडीज की जीत तय लग रही थी, लेकिन श्रेयस अय्यर और संजू सैमसन ने 99 रन की साझेदारी कर भारत की वापसी कराई।
  • श्रेयस के आउट होने के बाद संजू भी पवेलियन लौट गए और टीम इंडिया नियमित अंतराल पर विकेट गंवाकर मुश्किल में आ गई। ऐसे में अक्षर ने एक छोर से आक्रामक बल्लेबाजी शुरू की और 35 गेंद पर 64 रन बनाकर भारत को मैच जिता दिया।

कैसा रहा दोनों कप्तानों का प्रदर्शन?
भारत के कप्तान शिखर धवन का प्रदर्शन इस मैच में कुछ खास नहीं रहा। उन्होंने 31 गेंदों में सिर्फ 13 रन बनाए। इसमें कोई चौका-छक्का शामिल नहीं था। वहीं, गेंदबाजी के दौरान भी वो अपने खिलाड़ियों का सही इस्तेमाल नहीं कर पाए और वेस्टइंडीज ने 300 से ज्यादा का स्कोर बनाया। वेस्टइंडीज के कप्तान निकोलस पूरन के लिए यह मैच अच्छा रहा। पहले बल्ले के सात उन्होंने 77 गेंद में 74 रन बनाए। इसके बाद अपने गेंदबाजों का सही इस्तेमाल कर लगभग जीत हासिल कर ली थी, लेकिन अक्षर ने मैच पलट दिया।

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