जीवाजी विश्वविद्यालय के स्थायी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आज एक दिवस के लिए कलमबंद सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया

जीवाजी विश्वविद्यालय के स्थायी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आज एक दिवसीय कलमबंद सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। कुलगुरु कार्यालय के सामने जमीन पर बैठकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर रविवार तक उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ, तो सोमवार से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। दरअसल जीवाजी विश्वविद्यालय के स्थायी कर्मचारी नियमितीकरण समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उच्च न्यायालय के नियमितीकरण संबंधी आदेश के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक उन्हें नियमित नियुक्ति देने की प्रक्रिया पूरी नहीं की है।कर्मचारियों का कहना है कि वे करीब तीन दशक से कम वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और इसी आय से परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। नियमितीकरण में देरी के कारण उनकी आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं,कर्मचारियों की मांगों में नियमितीकरण के साथ सातवें वेतनमान का लाभ भी शामिल है,उनका आरोप है कि न्यायालय के आदेश का पालन करने के बजाय उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। इस संबंध में कर्मचारी कई बार विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।इन्हीं मांगों को लेकर कर्मचारियों ने कुलगुरु कार्यालय की बिल्डिंग के ठीक सामने जमीन पर बैठकर एक दिवसीय कलमबंद सांकेतिक धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी कि अगर रविवार तक उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया, तो सोमवार से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा,कर्मचारियों का यह भी कहना है कि वे लंबे समय से विश्वविद्यालय की सेवाओं में योगदान दे रहे हैं और अब उन्हें न्यायालय के आदेश के मुताबिक नियमितीकरण और सातवें वेतनमान का लाभ मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों की चेतावनी के बाद क्या कदम उठाता है।