जीडीए बना चारागाह, अस्तित्व की लड़ाई में योजनायें?
ग्वालियर विकास प्राधिकरण अपनी बेचारी पर आंसू बहा रहा है। बिना किसी राजनैतिक नियुक्ति के चल रहे इस प्राधिकरण की जहां माली हालत खराब है, वहीं विकास की योजनायें भी सिर्फ कागजों तक सीमित है। वर्तमान सीईओ भी सिर्फ कागज पर ही चल रहे है। हालांकि उन्होंने अभी माधव प्लाजा को लेकर सक्रियता दिखाई है।…

